जीवन बीमा के प्रकार, लाभ, और महत्त्व

 आज की अनिश्चित दुनिया में, जीवन बीमा एक आवश्यकता बन गया है। परिभाषा के अनुसार, बीमा दो पक्षों (बीमाकृत और बीमाकर्ता) के बीच एक कानूनी अनुबंध है जिसमें एक पार्टी (पॉलिसीधारक) प्रीमियम का भुगतान करने के लिए सहमत होता है और बदले में, दूसरी पार्टी (बीमाकर्ता) हानि की स्थिति पर बीमा राशि का भुगतान करती है। आज के इस युग में हर किसी के पास एक जीवन बीमा प्लान होना चाहिए। आज के पोस्ट में, हम जीवन बीमा क्या है, जीवन बीमा के प्रकार (types of life insurance), लाभ, और महत्त्व पर चर्चा करेंगे। 


आपकी जानकारी के लिए, यह पोस्ट हमारी जीवन बीमा कैसे खरीदें सीरीज का एक हिस्सा है जिसमें हमने यह बताने की कोशिश की है कि कैसे एक अच्छी पॉलिसी चुने जो आपकी भविष्य की जरूरतों को पूरा करें।

  • जीवन बीमा क्या है? जीवन बीमा के प्रकार, लाभ, और महत्त्व (अभी आप यहां पर हैं)
  • जीवन बीमा के फायदे और क्यों जरूरी है? 
  • जीवन बीमा लेते समय इन 10 बातों को ना करें अनदेखा
  • जीवन बीमा खरीदने से पहले अपने एजेंट से यह 9 सवाल जरूर पूछें
जीवन बीमा के प्रकार


जीवन बीमा के प्रकार - Types of Life Insurance in Hindi

वर्तमान में, बीमा कंपनियों ने बाजार में कई जीवन बीमा प्लान लॉन्च किए है। कुछ जीवन बीमा उत्पादों में केवल मृत्यु की घटना को कवर किया जाता है और कुछ में निवेश घटकों को जोड़कर पॉलिसीधारक को बचत का विकल्प भी दिया जाता है। 

विशेषताओं के आधार पर, जीवन बीमा के तीन मूल प्रकार हैं और बाकी के जीवन बीमा के प्रकार (types of life insurance) इन तीनों के अंतर्गत आते हैं:  

  1. मीयादी बीमा या टर्म लाइफ इन्शुरन्स - Term Insurance
  2. स्थायी जीवन बीमा - Permanent Life Insurance 
  3. एंडाउमेंट बीमा - Endowment Insurance

तो चलिए जीवन बीमा कितने प्रकार के होते हैं (Jeevan bima kitne prakar ke hote hain) संक्षेप में जानते हैं।

types of life insurance jeevan bima kitne prakar ke hote hain


1. टर्म लाइफ इन्शुरन्स - Term Insurance in Hindi

यह शुद्ध जीवन बीमा कहलाता है, जिसमें बीमित व्यक्ति को निर्धारित अवधि के लिए जोखिम कवरेज मिलता है और इसमें कोई निवेश घटक नहीं होता है। आम तौर पर, प्रीमियम अन्य जीवन बीमा के प्रकार से बहुत कम होता हैं क्योंकि पॉलिसी एक निश्चित अवधि के लिए मृत्यु लाभ प्रदान करती है। 

यदि पॉलिसीधारक की पॉलिसी अवधि के भीतर मृत्यु नहीं होती है तो मीयादी बीमा में लाभार्थियों या नामांकित व्यक्तियों को कोई भी प्रकार का लाभ नहीं मिलता है। 

टर्म लाइफ इन्शुरन्स में समय के साथ प्रीमियम बढ़ता है या समान ही रहता है; आम तौर पर, एक निश्चित समय के बाद प्रीमियम बढ़ता है (5साल, 10साल, 15साल)। किसी व्यक्ति के लिए टर्म लाइफ इन्शुरन्स का मुख्य लाभ यह है कि यह उसे मन की शांति प्रदान करता है कि उसके परिवार को उसकी मृत्यु पर वित्तीय सहायता (कर मुक्त) मिल जाएगी। 

मीयादी बीमा की अवधि कितनी होगी यह पॉलिसीधारक खुद तय कर सकता है। 

टर्म लाइफ इन्शुरन्स के प्रकार - Types of Term Insurance

इस बीमा पॉलिसी में आमतौर पर नीचे दिए गए प्लान देखने को मिलते हैं: 

1.1 डिक्रीजिंग टर्म लाइफ इन्शुरन्स या घटता हुआ मीयादी बीमा: इस तरह की बीमा पॉलिसी में सम इंश्योर्ड हर साल निश्चित दर पर घटता रहता है और पॉलिसी के अंतिम साल के खत्म होने पर यह शून्य हो जाता है। 

यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि इसमें प्रीमियम समान ही रहता है प्रीमियम घटता नहीं है पर सम इंश्योर्ड घटता रहता है। इस पॉलिसी का यह फायदा है कि इसमें प्रीमियम की दर बहुत कम होती है। 

1.2 इंक्रीजिंग टर्म लाइफ इन्शुरन्स या बढ़ता हुआ मीयादी बीमा: इस प्लान में घटता मीयादी बीमा के मुकाबले प्रीमियम की दर ज्यादा होती है लेकिन इसमें उसका उल्टा होता है इसमें हर साल सम इंश्योर्ड या लाभों की मात्रा बढ़ती रहती है। 

1.3 कैशबैक टर्म लाइफ इन्शुरन्स या प्रीमियम वापसी मीयादी बीमा: जैसे कि नाम दर्शाता है इस टर्म प्लान में पॉलिसी के खत्म होने पर अदा किया गया प्रीमियम कंपनी द्वारा वापिस कर दिया जाता है। 

इस प्लान में प्रीमियम ऊपर दिए गए प्लान से ज्यादा होता है लेकिन इसमें पॉलिसीधारक को यह आश्वासन मिल जाता है कि पॉलिसी खत्म होने पर उसका प्रीमियम उसको वापस मिल जाएगा। 

पढ़ें: टर्म इंश्योरेंस क्या है? Term Insurance क्यों है सबसे अच्छा

2. स्थायी जीवन बीमा - Permanent Life Insurance

स्थायी जीवन बीमा, जीवन बीमा के प्रकार में से एक है जो आजीवन मृत्यु कवरेज प्रदान करता है। पॉलिसी मृत्यु की स्थिति तक या तब तक लागू होती है जब तक बीमाधारक प्रीमियम का भुगतान जारी रखता है। स्थायी जीवन बीमा एक नकदी मूल्य जमा करता है जो आपकी पॉलिसी के फेस वैल्यू में जोड़ा जाता है या मृत्यु पर नॉमिनी/लाभार्थी को भुगतान किया जाता है।

स्थायी जीवन बीमा के प्रकार में नीचे दिए गए हैं;

  1. आजीवन बीमा
  2. यूनिवर्सल लाइफ इन्शुरन्स 
  3. वेरिएबल लाइफ इन्शुरन्स 
  4. यूनिट लिंक्ड बीमा योजना

2.1 आजीवन बीमा

परमानेंट लाइफ इन्शुरन्स एक प्रकार का स्थायी जीवन बीमा है, जिसमें बीमित व्यक्ति को पूरे जीवन के लिए मृत्यु कवरेज मिलता है। इस पॉलिसी में बीमित व्यक्ति टर्म लाइफ इन्शुरन्स की तुलना में अधिक प्रीमियम का भुगतान करता है।

आजीवन बीमा में नामांकित व्यक्ति को निश्चित रूप से बीमित की मृत्यु पर मृत्यु लाभ मिलता है। टर्म लाइफ इन्शुरन्स का मुख्य नुकसान यह है कि उसमें सिर्फ मृत्यु लाभ होते हैं लेकिन इस बीमा पॉलिसी में सर्वाइवल बेनिफिट भी मिलते हैं।

2.2 यूनिवर्सल लाइफ इन्शुरन्स

बीमा कंपनियां हमेशा ग्राहक की जरूरत के हिसाब से जीवन बीमा के प्रकार लाने की कोशिश करती है जिसकी एक उदाहरण यूनिवर्सल लाइफ इन्शुरन्स हैं जिसको जीवन बीमा में मिलने वाले लाभों के साथ निवेश के फायदे देने के लिए तैयार किया गया है। 

यूनिवर्सल लाइफ इन्शुरन्स परमानेंट लाइफ इन्शुरन्स का एक उन्नत संस्करण है। यूनिवर्सल लाइफ बीमा जीवन बीमा और निवेश खाते का संयोजन है। सार्वभौमिक जीवन बीमा में प्रीमियम और मृत्यु लाभ लचीले होते हैं; बीमाकृत या पॉलिसीधारक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रीमियम या मृत्यु लाभ को बढ़ा या घटा सकता है। 

यूनिवर्सल बीमा, आपको अपनी नीति के खिलाफ ऋण लेने की अनुमति देता है। मृत्यु लाभ आपके नकदी मूल्य पर निर्भर करता है; इसका मतलब है कि यदि नकद मूल्य बढ़ता है तो मृत्यु लाभ भी बढ़ता है या इसके विपरीत।

2.3 वेरिएबल लाइफ इन्शुरन्स

यह पॉलिसी भी निवेश घटकों के साथ आती है लेकिन वेरिएबल लाइफ इन्शुरन्स प्लान में सम इंश्योर्ड और पॉलिसी अवधि पूरी होने पर के लाभ निश्चित नहीं होते। कितना सम इंश्योर्ड मिलेगा या पॉलिसी अवधि पूरी होने पर कितना लाभ मिलेगा यह फंड की परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। 

अगर फंड अच्छे परफॉर्म करेंगे तो अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। उसके विपरीत अगर फंड अच्छी तरह से परफॉर्म नहीं करते हैं तो पॉलिसी का मूल्य जीरो भी हो सकता है। 

इसे वेरिएबल प्लान इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें ना तो मृत्यु लाभ निश्चित होते हैं और ना ही पॉलिसी पूरी होने पर मिलने वाले लाभ। 

इस जीवन बीमा के प्रकार में ज्यादा जोखिम होता है लेकिन इनमें लाभ मिलने के मौके भी ज्यादा होते हैं। 

2.4 यूनिट लिंक्ड बीमा योजना

यह आधुनिक जीवन बीमा के प्रकार की एक उदाहरण है जिसको पॉलिसीधारक को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के लिए बनाया गया है। इसे यूलिप प्लान भी कहा जाता है। 

इसमें इक्विटी मार्केट में ज्यादा निवेश करके पॉलिसी धारक को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने की कोशिश की जाती है। यह एक बहुत प्रचलित जीवन बीमा प्लान है। 

3. एंडाउमेंट लाइफ इन्शुरन्स - Endowment Insurance

एंडाउमेंट लाइफ इन्शुरन्स पॉलिसी सभी आयु वर्गों के लिए उपयुक्त है। एंडाउमेंट लाइफ इन्शुरन्स पॉलिसी परिपक्वता अवधि (आमतौर पर 10, 15, 20 वर्ष) या मृत्यु के बाद एकमुश्त राशि का भुगतान करती है। 

एंडाउमेंट पॉलिसी बीमित जीवनकाल को कवर नहीं करती है और स्थायी जीवन बीमा के प्रकारों की तुलना में एंडाउमेंट पॉलिसी में प्रीमियम अधिक होते हैं। 

यदि पॉलिसीधारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु नहीं होती है तो उसे लाभ के साथ आश्वासित राशि मिल जाएगी; अन्यथा, यदि वह जीवित नहीं रहता है तो नामांकित या लाभार्थी को पॉलिसी में बताए गए लाभों के साथ आश्वासित राशि प्राप्त होती है। 

एंडाउमेंट में मनी बैक प्लान, पार प्लान (par plan), और नो-पार प्लान (no-par plan) जैसे जीवन बीमा के प्रकार देखने को मिलते हैं।

उपरोक्त जीवन बीमा के प्रकारों (Jeevan bima ke prakar) के इलावा कुछ प्लान:

ग्रुप लाइफ इन्शुरन्स

ग्रुप लाइफ इन्शुरन्स जीवन बीमा का एक प्रकार है जिसमें एक पॉलिसी में ही बहुत सारे लोगों  का बीमा कर दिया जाता है।  इस तरह की पॉलिसी एंपलॉयर या संस्था के लिए होती है जिनको कानूनन अपने कर्मचारियों को बीमा प्रदान करना पड़ता है। 

जीवन बीमा के लाभ

  • इससे दुर्घटना या जोखिम की स्थिति को कवर किया जाता है। 
  • मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी को बीमा राशि दी जाती है जिससे वह बाकी की जिंदगी अच्छी तरह से काट सके।
  • मन को शांति मिलती है कि मेरी मृत्यु के बाद भी परिवार को आर्थिक मंदी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • यह एक सुरक्षित निवेश है जिसमें लाभ मिलने निश्चित होते हैं।
  • अगर निवेश घटक वाला प्लान लिया हो तो पॉलिसी खत्म होने पर लाभ मिलते हैं।
  • जीवन बीमा पॉलिसी पर जरूरत पड़ने पर लोन भी लिया जा सकता है।
  • कुछ जीवन बीमा प्लान बोनस या  लाभांश के साथ भी आते हैं।
  • इसी आपको कर लाभ मिलता है।
  • जीवन बीमा में निवेश करके आप देश के आर्थिक विकास में भी योगदान देते हैं।