कवर ऑर्डर क्या है? कवर ऑर्डर के फायदे, नुकसान

 कवर ऑर्डर निवेशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके द्वारा इंट्राडे ट्रेडिंग में प्राप्त होने वाले रिटर्न को अधिकतम एवं जोखिम को न्यूनतम किया जा सकता है। निवेशकों को इसका उपयोग करना सीखना चाहिए। इस पोस्ट में हम कवर ऑर्डर क्या है (Cover order kya hota hai) और कवर ऑर्डर से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा करेंगे।

कवर ऑर्डर क्या है? - Cover Order Kya Hota Hai

कवर ऑर्डर एक मार्केट ऑर्डर होता है जिसे स्टॉप लॉस ऑर्डर के साथ प्लेस किया जाता है। जिसके कारण यह निवेशक के लिए कम जोखिम पूर्ण साबित होता है। कवर ऑर्डर में निवेशक द्वारा संभावित जोखिम का आकलन पहले ही किया जा सकता है। इसलिए इसमें मार्जिन की आवश्यकता कम होती है एवं निवेशक को अधिक लिवरेज प्राप्त होता है।

यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि स्टॉप लॉस को किसी भी स्थिति में रद्द नहीं किया जा सकता है इसमें केवल बदलाव किए जा सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए एक निवेशक किसी कंपनी A के 1000 शेयर ₹500 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदने के लिए कवर ऑर्डर प्लेस करता है एवं इस कवर ऑर्डर के लिए ₹480 स्टॉप लॉस प्लेस करता है। इस प्रकार इस निवेश में निवेशक को ₹20 प्रति शेयर के उच्चतम संभावित जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

कवर ऑर्डर का उपयोग शॉर्ट ट्रेड एवं लोंग ट्रेड में किया जा सकता है। कवर ऑर्डर निवेशकों के लिए एक अत्यंत लाभदायक साधन है क्योंकि इसमें आपको मार्जिन बेनिफिट मिलते हैं।

इसमें सभी कवर ऑर्डर 3:20PM पर अपने आप ही स्क्वायर ऑफ हो जाते हैं।

कवर ऑर्डर के प्रकार - Types of Cover Order

कवर ऑर्डर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: शॉर्ट कवर ऑर्डर और लॉन्ग कवर ऑर्डर।

शॉर्ट कवर ऑर्डर (Short Cover Order): यदि कोई निवेशक कवर ऑर्डर में अपने शेयर को बेचना चाहता है तो उसे शॉर्ट कवर ऑर्डर कहा जाता है। अगर किसी निवेशक को लगता है कि मार्केट मार्केट आने वाले कुछ मिनट या घंटों में गिरने वाली है तो वह शॉर्ट कवर आर्डर डाल सकता है। निवेशक का उद्देश्य शेयर को अधिक दामों पर बेचना होता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयर जिसका मूल्य ₹500 प्रति शेयर है, उसे शार्ट करना चाहता है तो वह उस शेयर की स्टॉप लॉस वैल्यू ₹520 प्रति शेयर रखता है। इसके परिणाम स्वरूप जब शेयर की वैल्यू ₹520 होगी तो कवर ऑर्डर के तहत उसका स्टॉपलॉस अपने आप ट्रिगर हो जाएगा और वह ₹20 प्रति शेयर लॉस के साथ मार्केट से एग्जिट कर जाएगा।

लॉन्ग कवर ऑर्डर (Long Cover Order): यदि कोई निवेशक कवर ऑर्डर में किसी कंपनी के शेयर खरीदना चाहता है तो उसे लॉन्ग कवर ऑर्डर कहा जाता है। निवेशक का उद्देश्य शेयर को कम दामों पर खरीदना होता है। अगर किसी निवेशक को लगता है कि मौजूदा मार्केट के दिन में मार्केट ऊपर जाएगी तो वह कम दामों पर शेयर खरीद करके ऊंचे दामों पर सेल कर सकता है और मुनाफा कमा सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयर जिसका मूल्य ₹500 प्रति शेयर है, उसे लॉन्ग करना चाहता है तो वह शेयर की स्टॉपलॉस वैल्यू ₹480 प्रति शेयर रखता है। इसके परिणाम स्वरूप जब शेयर की वैल्यू ₹480 होगी तो वह अपने आप स्क्वायर ऑफ हो जाएंगे।

कवर ऑर्डर के फायदे

कवर ऑर्डर के फायदे (cover order ke fayde) के निम्न प्रकार है:

  • अधिकतम लाभ: कवर ऑर्डर निवेशकों को अत्यधिक लाभ प्रदान प्राप्त करने में मदद करता है क्योंकि स्टॉपलॉस जोखिम को एवं मार्जिन की आवश्यकता को कम करते हैं। कवर ऑर्डर से आप अपना लॉस पहले ही सीमित कर लेते हैं।
  • अनुशासन: कवर ऑर्डर निवेशकों को अनुशासित ढंग से ट्रेडिंग करने में मदद करता है क्योंकि कवर ऑर्डर में प्रत्येक ट्रेडिंग स्टॉपलॉस के साथ की जाती है एवं स्टॉपलॉस को किसी भी स्थिति में रद्द नहीं किया जा सकता है, इसमें केवल बदलाव किए जा सकते हैं। मार्केट में टिके रहने के लिए स्टॉपलॉस बहुत जरूरी होता है।
  • न्यूनतम जोखिम: कवर ऑर्डर निवेशकों को न्यूनतम जोखिम प्रदान करता है क्योंकि स्टॉपलॉस के उपयोग के द्वारा निवेशक अपने जोखिम को सीमित कर सकते हैं और निवेशक को निरंतर शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव की ओर ध्यान देने की भी आवश्यकता नहीं होती है।
  • अत्यधिक लिवरेज: कवर ऑर्डर निवेशकों को अत्यधिक लिवरेज भी प्रदान करता है क्योंकि स्टॉप लॉस जोखिम को सीमित करता है। साधारण आर्डर की अपेक्षाकृत कवर ऑर्डर में जोखिम की संभावना ना के बराबर होती है इसलिए निवेशक अत्यधिक लिवरेज प्राप्त कर सकता है। इक्विटी पर यह लिवरेज 20 से 30 गुना तक देखी जा सकती है।
  • हमेशा मार्केट को देखने की जरूरत नहीं: कवर ऑर्डर उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है जो किसी तरह की नौकरी करते हैं और पूरा दिन शेयर मार्केट को ट्रैक नहीं कर सकते। ऐसे लोग कवर ऑर्डर डालकर अपने काम जारी रख सकते हैं।

कवर ऑर्डर के नुकसान

कवर ऑर्डर निवेशकों के लिए निम्न प्रकार नुकसानदायक है:

  • यह ऑर्डर में सिर्फ इंट्राडे पोजीशन ही ली जा सकती है। किसने ली गई पोजीशन को आप कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते। (अगर आप होल्डिंग्स में पढ़े हुए शेयर के लिए स्टॉपलॉस लगाना चाहते हैं तो आप GTT Order की मदद ले सकते हैं।)
  • कवर ऑर्डर में निवेशक स्टॉपलॉस ऑर्डर को तब तक एग्जिट नहीं कर सकता है जब तक कि उसकी पोजीशन स्क्वेयर ऑफ ना हो जाए।
  • ऑर्डर में प्रत्येक ट्रेडिंग स्टॉपलॉस के साथ की जाती है एवं इस स्टॉपलॉस को किसी भी स्थिति में रद्द नहीं किया जा सकता है, इसमें केवल बदलाव किए जा सकते हैं।

कवर ऑर्डर किस प्रकार कार्य करता है?

कवर ऑर्डर एक ही समय में दो प्रकार से कार्य करता है:

  • लिमिट ऑर्डर: लिमिट ऑर्डर का अर्थ है वह आर्डर जिसमें निवेशक वांछित शेयर मूल्य या उससे बेहतर मूल्य मिलने पर ट्रेडिंग में प्रवेश करता है। इसका यह अर्थ है की बाय लिमिट ऑर्डर में निवेशक द्वारा सिक्योरिटीज निर्धारित किए गए मूल्य या उससे कम पर खरीदी जाती है एवं सेल लिमिट ऑर्डर में निवेशक द्वारा सिक्योरिटीज निर्धारित किए गए मूल्य या उससे अधिक पर बेची जाती है।
  • मार्केट ऑर्डर: मार्केट ऑर्डर का अर्थ है वह आर्डर जिसमें निवेशक द्वारा सिक्योरिटी की खरीद-फरोख्त उसी समय उपलब्ध बेहतर मूल्यों के आधार पर की जाती है। इसका यह अर्थ है कि निवेशक द्वारा सिक्योरिटीज उसी समय उपलब्ध न्यूनतम मूल्य पर खरीदी जाती है एवं निवेशक द्वारा सिक्योरिटीज उसी समय उपलब्ध अधिकतम मूल्य पर बेची जाती है।
  • स्टॉप लॉस: कवर ऑर्डर में स्टॉप लॉस का उपयोग निवेशक को अत्यधिक जोखिम से सुरक्षित रखता है। स्टॉप लॉस ऑर्डर को रद्द नहीं किया जा सकता परंतु इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।

कवर ऑर्डर कैसे लगाएं? - Cover Order Kaise Lagaye

कवर ऑर्डर में मुख्यतः तीन प्रकार के चरणों का पालन किया जाता है:

  • सिक्योरिटीज खरीदने के लिए मार्केट आर्डर प्लेस करना एवं उन सिक्योरिटीज पर स्टॉपलॉस को सक्रिय करना।
  • सिक्योरिटीज बेचने के लिए लिमिट ऑर्डर प्लेस करना एवं उन सिक्योरिटीज पर स्टॉप लॉस को सक्रिय करना।
  • सिक्योरिटीज बेचने के लिए मार्केट आर्डर प्लेस करना एवं उन सिक्योरिटीज पर स्टॉप लॉस में बदलाव करना एवं सक्रिय करना।

Cover Order Kaise Lagaye
कवर ऑर्डर कैसे डालें:

  • सिक्योरिटी को चुनें जिसमें आप कवर आर्डर डालना चाहते हैं।
  • फिर ऑर्डर सेक्शन में कवर ऑर्डर (Cover Order) को सेलेक्ट कर ले और उसके बाद तय करें कि आप मार्केट आर्डर (Market Order) डालना चाहते हैं या लिमिट आर्डर (Limit Order) डालना चाहते हैं। अगर आप लिमिट आर्डर डाल रहे हैं तो किस रेट पर आप खरीदना चाहते हैं वह मूल्य दर्ज करें। उसके बाद स्टॉप लॉस फील्ड में अपना स्टॉप लॉस दर्ज करें जिस पर आप मार्केट से एग्जिट करना चाहते हैं।
  • एक बार आर्डर डालने के बाद एक आर्डर आपका लग जाएगा और उसके बाद एक आर्डर जो स्टॉप लॉस ऑर्डर होगा वह पेंडिंग ऑर्डर  (Pending Orders) में दिखेगा
  • सब कुछ दर्ज करने के बाद BUY/SELL बटन दबाएं। इस तरह आपका कवर ऑर्डर एग्जीक्यूट हो जाएगा।
  • जब आपका टारगेट आपको मिल जाए तो आप पेंडिंग ऑर्डर  (Pending Orders) में जाकर स्टॉप लॉस ऑर्डर (Stop Loss Order) को (Exit) बंद कर सकते हैं और प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। ऐसा करने पर आपका स्टॉप लॉस आर्डर अपने आप कैंसिल हो जाएगा।

कवर ऑर्डर में किस प्रकार एग्जिट किया जाता है?

कवर ऑर्डर को निवेशक आंशिक रूप से एग्जिट नहीं कर सकता है। इसके लिए निवेशक को संपूर्ण कवर ऑर्डर को एक ही बार में एग्जिट करना होता है। कवर ऑर्डर से एग्जिट करने के लिए निवेशक को ऑर्डर बुक में जाकर सभी अपूर्ण (Pending) स्टॉप लॉस ऑर्डर को सिलेक्ट करना होता है तथा उसके बाद एग्जिट करना होता है।