क्या Facebook, WhatsApp बीमार लोगों को पोस्ट शेयर करने पर पैसे देता है

अगर आप फेसबुक या वाट्सऐप चलाते हो तो आपने कई बार ऐसे मैसेज देखे होंगे जिसमें यह कहा जाता है कि आपके इस पोस्ट शेयर करने पर इस मरीज या बच्चे को फेसबुक या वाट्सऐप पैसे देगा साथ में यह भी लिखा होता है एक शेयर करने पर 10 पैसे या 50 पैसे दिए जाएंगे. और हम में से बहुत सारे लोग बिना कुछ सोचे समझे इसको शेयर कर देते हैं कि चलो हमारे शेयर करने से अगर किसी को कोई फायदा होता है तो हम कर देते हैं. पर क्या आप जानते हो कि फेसबुक या वाट्सऐप सच में ऐसे बीमार लोगों को या बच्चों को पैसे देता है या नहीं? अगर आप नहीं जानते तो आज के इस पोस्ट में आपको हम डिटेल में बताएंगे कि क्या ऐसे पोस्ट को शेयर करने के लिए क्या Facebook, WhatsApp बीमार लोगों को पोस्ट शेयर करने पर पैसे देता है (does Whatsapp pay for sharing).

फेसबुक या वाट्सऐप असल में कितने पैसे देता है ऐसे पोस्ट को शेयर करने के लिए?

शून्य (0). जी हां फेसबुक या वाट्सऐप ऐसे पोस्ट शेयर करने पर कुछ भी नहीं देता है. फेसबुक दुनिया की सबसे मशहूर सोशल मीडिया साइट है और इसके फाउंडर मार्क जकरबर्ग हैं. मार्क जकरबर्ग बहुत सारे माध्यमों से लोगों की मदद करते हैं.
लेकिन वह ऐसा किसी के भी साथ नहीं करते यह तो एक तरह किसी की तकलीफ का मजाक बनाना हो जाता है. ऐसा तो कोई क्रूर आदमी भी नहीं करता तो आप ऐसी चीजें एक मशहूर व्यक्ति कर सकता है आप कैसे सोच सकते हो.
तो फिर ऐसे पोस्ट क्यों आते हैं आपके मोबाइल पर?फेसबुक और वाट्सऐप एक बहुत ही अच्छे माध्यम है जानकारी को एक दूसरे के साथ शेयर करने के लिए. लेकिन फेसबुक और वाट्सऐप का बहुत ज्यादा मिसयूज भी होता है गलत जानकारी को फैलाने के लिए.
फेसबुक और वाट्सऐप इसको रोकने के लिए काम भी कर रहे हैं. फेसबुक और वाट्सऐप बहुत सारे गलत मैसेज जैसे कि जाति विरोधी मैसेज, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ मैसेज, झूठी जानकारी, फैलाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है.
इसका एक उदाहरण यह है कि बहुत सारे लोग किसी बीमार की फोटो लेकर जो कि देखने में बहुत ही दुखदाई होती है उनको यूज़ करके नीचे बहुत ही अच्छा मैसेज लिख देते हैं और यह कहते हैं कि अगर आप इस पोस्ट को शेयर करोगे तो फेसबुक या वाट्सऐप इन बीमार लोगों को पैसे देगा.
जैसे कि मैंने पहले बताया ऐसा कुछ भी नहीं होता है तो यह लोग सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए यह करते हैं या फिर अपने फेसबुक पेज पर सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए करते हैं.
अगर आप फेसबुक पर जाकर देखोगे तो ऐसे पेजों को लाखों में लाइक और शेयर मिले हुए होते हैं. मुझे तो यह हैरानी होती है कि कैसे कोई बिना कुछ जाने किसी भी इंफॉर्मेशन को शेयर कर सकता है.
अगर आप उन मैसेजेस को ध्यान से पढ़ोगे तो इसमें कुछ भी जानकारी नहीं होती कि यह मरीज कहां पर दाखिल है, किस तारीख से दाखिल है, उसका पता, कोई ऑफिशियल वेबसाइट जो इसको वेरीफाई करें, कोई ऑफिशियल फेसबुक पेज, यहां तक की उस मरीज का नाम तक नहीं होता तो फिर आप कैसे यकीन कर सकते हो ऐसे पोस्ट पर.
तो अगली बार अगर आप ऐसा कोई भी पोस्ट अपने फेसबुक या वाट्सऐप पर देखो तो उसको लाइक या शेयर ना करें और अपने दोस्तों को भी बताएं कि ऐसा कुछ भी नहीं होता है.और अच्छी जानकारी पाने के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूलें!